Facebook SDK

Best anchoring script for all events | मंच संचालन स्क्रिप्ट | Gaurav Sharma.


तो दोस्तों आज मैं लेकर आया हूं आपके लिए एक बेस्ट Anchoring स्क्रिप्ट जो कि आप अपने सभी इवेंट्स में आप उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।


एंकरिंग में सबसे पहली बात यह है दोस्तों की आप अपनी शुरुआत कैसे करते हो।
दोस्तों एंकरिंग में आपके शुरुआत के 30 सेकंड बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं और उसी 30 sec. में लोग यह निर्णय लेते हैं, कि वह आपको सुनें या फिर नहीं सुनें। क्योंकि
"First impression is the last impression"

इसलिए आप की शुरुआत ऐसी होनी चाहिए कि लोग सिर्फ आपको ही देखते रहें। और आपके लिए तालियां बजाने में कोई कंजूसी न करें। 


इसलिए आज मैं आपको शुरू से अंत तक एक ऐसी Script बताऊंगा जो कि आपके सभी इवेंट्स में चार चांद लगा देगी।
शुरुआत :-
"Hello and welcome, नमस्कार, आदाफ, ससरिआकाल, स्वागतम-सुस्वागतम,केम छो
मैं....................... आज इस कार्यक्रम में आए हुए विशिष्ट अतिथियों का और सभी प्रबुद्ध व्यक्तियों का और आप सभी दोस्तों का दिल की गहराइयों से स्वागत व अभिनंदन करता हूं।

अतिथि के लिए शायरी आप बोल सकते हो कि

" जो पानी से नहाते हैं, वो लिबाज़ बदलते है।
लेकिन जो पसीने से नहाते हैं, वो इतिहास बदलते हैं।"
Very Good personality and hard working man.
तो स्वागत कीजिए हमारे आज के मुख्यातिथि का
और आए हुए सभी मेहमानों का तालियां बजाकर स्वागत करें।

दोस्तो आज इस कार्यक्रम में आपको बहुत सी चीजें देखने को मिलेंगी क्योंकि हमने आप सभी के एंटरटेनमेंट का पूरा ख्याल रखा है।
इसलिए अर्ज किया है कि
" हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते है,
और मोहोब्बत की इसी मिटी को हिन्दोस्तान कहते हैं।"

आप यूं ही तालियां बजाकर इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते रहें।
इसलिए कार्यक्रम की शुरुआत करने से पहले हमारी एक रस्म होती है और उसको पूरा करना बहुत जरूरी है। क्योंकि मां शारदा ही हमें शक्ति देती और उनका आशीर्वाद बहुत जरूरी है इसलिए सबसे पहले मैं मां शारदा के लिए दो पंक्तियां कहना चाहूंगा
कि " ह्रदय में झंकार हो प्रेम की बौछार हो,
तेरी रहमत से ए भारती, सबको विद्या का अधिकार हो।

मैं मंच पर से सभी विशिष्ट अतिथियों से गुजारिश करूंगा कि आप मंच पर आकर मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलन करें और इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की गति प्रदान करें।

जैसे दीप प्रज्जवलन चल रहा होगा आप उसके बीच मे कुछ शायरी बोल सकते हो
जैसे : " रोशनी होती है दीपक से वैसा आप सब में जोश भर दो।
पावन किया दरबार को आपने दीप जला आगाज़ कर दो।
दीप प्रज्वलन होने के बाद हम मां शारदा से आशीर्वाद लेकर इस कार्यक्रम की शुरुआत करते हैं।

दोस्तो इस शुरुआत के बाद आप अपने कार्यक्रम से संबंधित परफॉर्मेंस करवा सकते हो।

दोस्तों, ज़िन्दगी में कुछ खास लम्हें होते हें और उन खास लम्हों में से कुछ लम्हें बड़े यादगार होते हैं और उन लम्हों को यादगार बनाते हैं आप जैसे खास दोस्त
तो एक बार ज़ोरदार तालियाँ हो जाए आप सभी दोस्तों के लिए|
दोस्तों, आज की इस कार्यक्रम में आपको कुछ ऐसी खास Performance देखने को मिलेगी जिसे देख आप बस यही कहेंगे…“वाह क्या बात…क्या बात…क्या बात”….

{ First Performance }
तो ज्यादा वक़्त ना लेते हुए आज की शाम को आगे बढ़ाते हैं…और बुलाते हें,,
आँखे जिनकी मस्त हैं,

Dance में भी जो जबरदस्त हैं…
Beauty में जिनका कोई जवाब नहीं,
हर काम में जो First है…


आप सभी की ज़ोरदार तालियों के बिच स्वागत किजिए…(Name of Contestant)
(After Performance)
क्या बात है…. इतनी शानदार Performance देखकर मुझे भी एक शेर याद आ गया!
अर्ज़ किया है……
"मन मचल के मौर होना चाहिए,

इस शानदार सी शाम में थोडा शोर होना चाहिए….
दिखाने को तो हम रात भर डांस दिखाए आपको,
मगर आपकी तालियों में भी थोडा ज़ोर होना चाहिए!"


{ Second Performance }
तो इस शानदार कार्यक्रम में आप सभी को Entertain करने का दौर चल चूका है, और इसी दौर को आगे बढ़ाते हुए….
इस धमाकेदार डांस के बाद, अब देसी गर्ल्स की है बारी…

पर वो तब ही आएंगी, जब बजेंगी तालियाँ ढेर सारी!

So please put your hands to gather,, for the Desi Girls please welcome….( Name of Contestant)
(After Performance)
क्या बात है(Loudly), वाकई में इतनी शानदार डांस डांस Performance देखने के बाद मुझे तो बस एक दी बात बार-बार  दिल में आ रही है, कि
"मंजिल यूँ ही नहीं मिलती राही को,
जुनून से दिल मे जगाना पड़ता है।
पूछा चिड़िया को की घोंसला कैसे बनता है,
वो बोली तिनका तिनका उठाना पड़ता है............2"



----------**********----------

दोस्तों कार्यक्रम की जो गतिविधियां हैं उनको आप करवाने के बाद अंत में आप बोल सकते हो
कि आप लोगों ने जो आज अपना साथ हमें दिया उसी के कारण आज यह कार्यक्रम बहुत ही अच्छा सफल हो पाया है और यकीन मानिए दोस्तों कि आपकी तरह जोश और उत्साह मैंने आज से पहले कहीं देखा ही नहीं।

"ये नज़रे न होती ये नज़ारा न होता,
ये नज़रे न होती ये नज़ारा न होता।
आप जैसी महफ़िल न होती,
तो हमारा यहाँ आना गवारा न होता।"

इसलिए मैं सभी का दिल की गहराइयों से शुक्रिया अदा करना चाहूंगा और गुजारिश करना चाहूंगा कि एक बार अपने लिए दौड़ तालियां बता दीजिए।

Post a comment

0 Comments