बहुत सारे लोग आज यह लाइने बोल रहे हैं ।
बोर हो गया हूं
पक गया हूं
और नहीं रहा जा रहा ।
तो दोस्तों
आज आप सबको उन पांच लोगों के बारे में बताऊंगा और उनके बारे में जानना बहुत जरूरी है कि जब ये पांच लोग लॉक डाउन में थे और हम से बुरी हालत में थे।
ना फोन था, न इंटरनेट था तब ये 5 लोग अकेले बंद थे। तब इन 5 लोगों ने क्या किया अगर आज हमने वह जान लिया सीख लिया तो हम जिंदगी भर फायदा ले पाएंगे। और जब भी lockdown खत्म होगा तो अपनी ग्रोथ की स्पीड को बढ़ा पाएंगे। हर हिंदुस्तानी के लिए यह जानना जरूरी है की जब ये Lockdown खत्म होगा तो उसके बाद हम country को आगे कैसे ले जाए।
जिस दिन भी आप नेगेटिव हो रहे हो, बोर हो रहे होंगे, उदास हो रहे होंगे, आपको घर चुभ रहा होगा तो उस दिन भी ये पोस्ट आपके लिए काम आएंगी और आपको आगे के लिए प्रेरित करते रहेगी।
मै सबसे पहले बात करूंगा उस इंसान की जिसका मैं बहुत बड़ा फैन हूं। Bhagat Singh
आज हम status डाल कि हम Sweegy, Zometo और उनके खाने को मिस कर रहे हैं।
उन के हालात सोचो !
किसके लिए किया उन्होंने?
हमारे लिए, मेरे लिए, आपके लिए हम सब के लिए। 716 दिन की कैद में उन्होंने 300 बुक्स पढ़ी।
यह बात शायद आपको ना पता हो कि उनकी फांसी के कुछ टाइम पहले उनके उनके पास उनके lawyer मिलने के लिए आए तो उन्होंने अपनी एक फेवरेट बुक मंगवाई थी।
Lenin की बुक "The State and Revolution" के लिए तैयार थे फांसी का फंदा आ चुका था। सामने खड़े रहे और हाथ में किताब थी और जब उनको फांसी दिए जाने वाली थी।
उन्होंने रोका और कहा कि रुको :- उन्होंने कहा कि एक क्रांतिकारी दूसरे क्रांतिकारी से बात कर रहा है उन्हें जो लाइन पढ़नी थी उन्होंने उसको कंप्लीट किया। और उसके बाद कहा लगा दीजिए "lets go on"।
21- 22 साल के लड़के ने अपनी जिंदगी के आखिरी दिनों में भी Reading कर कर के हम लोगों के लिए, इंडिया के लिए, देश के लिए, देश की क्रांति के लिए अपने प्राणों का त्याग कर दिया ।
दोस्तो reading बहुत बड़ी पावर है।
अगर आप चाहते हैं बड़ा बिजनेसमैन बनना
तो आप 20 - 30 के बारे में पढ़ लो।
तो आपका bussiness grow करने लगेगा।
कंपनी बनाना चाहते हैं तो आप top कंपनी के बारे में पढ़ लो, आपको आपकी कंपनी में ग्रोथ देखने को मिलेगी।
अगर आप एक disiplin इंसान बनना चाहते हो तो आप displined इंसानों के बारे में पढ़ लो आपके अंदर खुद व खुद dicipline आ जाएगा ।
आप इस टाइम को यूज करो
Adversity को oppurtunity में बदलो रीडिंग करो, तैयार करो खुद को करियर के लिए फ्यूचर के लिए और अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए ।
क्योंकि जब ये lockdown खत्म होगा तो बहुत ही मुश्किल economic time आने वाला है।
उस टाइम आपकी knowledge बहुत काम आएगी।
आप की नॉलेज आपको स्पीड देखी आपके काम को भी और आपके देश को भी ।
यार भगत सिंह के पास तो फोन नहीं था इंटरनेट नहीं था यह फैसिलिटी नहीं थी, यह कंफर्ट नहीं था पर आपके पास तो सब कुछ है तो ebooks पढ़ो youtube पर एजुकेशन चैनल है उनको देखो ऑनलाइन कोर्स लो कुछ भी करो, खुद को बोर मत करो, खुद को More करो Much more करो इस टाइम का फायदा लो।
Curtis James Jackson
इस बंदे ने एक जनरल एजुकेशनल डेवलपमेंट का डिप्लोमा जेल के अंदर ही कर लिया अपने टैलेंट को समझा और देखा कि क्या हुनर है उसके अंदर वो क्या कर सकता हैं क्या बन सकता हैं और वहीं पर उन्होंने डिसाइड किया कि मैं एक रैपर बनूंगा । अपने एक्सपीरियंस लोगों के साथ शेयर करूंगा। वो कैद में थे लेकिन उनकी will पावर कैद में नहीं थी। इसलिए वो एक बड़े रैपर बने।
हम lockdown में हैं लेकिन हमारी हिम्मत हमारा जोश हमारे हौसले कैद में नहीं है।
Father of nation महात्मा गांधी
आज के दिनों में हम फालतू की वीडियो देखते हैं फालतू की मूवीस देखते हैं ताश खेल खेलकर अपना दिन बिता रहे है। क्योंकि हम बाहर देख रहे हैं
दोस्तों एक अच्छा मौका हो सकता है अपने अंदर झांकने का ऐसा कहना था बाबू का, बापू के अनुसार कैद में रहने कुछ नुकसान तो है लेकिन कुछ फायदे भी हैं जब बाहर के दरवाजे बंद होते हैं तो अंदर के कई दरवाजे खुलते हैं।
वो सोचते थे उस टाइम पर की ,
खुद को कैसे सुधारा जा सके?
फ्रीडम के लिए क्या किया जा सकता है?
लिबर्टी के लिए क्या किया जा सकता है?
आप इस टाइम में सोचो कि आपकी कौन सी लिमिट्स है जिसको आप test कर सकते हैं क्योंकि कैद में आपका शरीर है आजादी शरीर की रुकी है आजादी सोचने की नहीं रुकी है।
आप सोचो आप मेडिटेशन कर सकते हो प्लानिंग कर सकते हो अपना गोल बना सकते हो ताकि जब lockdown खत्म हो तो तब आप action ले सकें।
आपको सोचना न पड़े।
तो कहीं से भी, क्योंकि सीखने में कोई lockdown नहीं है।
दूरदर्शन पर एक सीरियल आता था भारत एक खोज इसमें हमारे महान और खूबसूरत देश की हिस्ट्री के बारे में बताया गया है।
क्या? आपको पता है कि यह बुक कहां लिखी गई। यह लिखी गई जेल में और इसको लिखा हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने
और उन सारे लेटर्स को कंपाइल करके एक बुक बनी "Glimpsis of world history" जब वह जेल में थे तो उसी टाइम उनके कई फैमिली मेंबर बीमार हुए, वो जेल के अंदर गए उनके साथ बुरा सलूक हुआ, लेकिन वह उनको देख नहीं सकते थे फिर भी वो वहां पर अड़े रहे डटे रहे।
क्या आपका टाइम इतना बुरा चल रहा है?
क्या आपका लव डॉन इतना चैलेंजिंग चल रहा है? आपके पास टाइम है खुद कुछ सीखने का अपने बच्चों को सिखाने का अपने फैमिली मेंबर कुछ न कुछ सिखाने का, आपके पास फोन है, इंटरनेट है। देखो आप क्या कर सकते हो।
आजकल हम अपने घरों में सब काम कर रहे हैं और हमें करने भी चाहिए।
ऐसा ही एक लड़का 1999 में जेल गया जेल के अंदर उसको कई सारे काम करने पड़े, बहुत सारी ड्यूटीज मिली, किचन में बर्तन साफ करना, झाड़ू लगाना, काम करते हुए उसने बहुत realisation की उस बंदे ने कहा " it is at these moments these points of acceptance that you realise that human being can do anything"
उन्होंने कहा कि कुछ पल हमें जिंदगी में जरूर मिलते हैं जब हमें एहसास होता है कि हम बहुत कुछ कर सकते हैं हम कुछ भी कर सकते हैं।
और यह बंदा है।
आज हम सब के पास हीरो बनने का मौका है।
आज कुछ लोग हमारे लिए खतरे में खड़े है , आर्मी, पुलिस, मेडिकल, एसेंशियल वर्कर
वो हमारे लिए बाहर खड़े है।
इसलिए हम भी अंदर रहकर सब कुछ सिख सकते है, और hero बन सकते है।
Economy कमजोर हो सकती है लेकिन हम खुद को इतना अपग्रेड कर ले कि इकॉनमी संभाल पाए और देश के लिए कुछ कर दिखाए ।
तो मुझे आशा है कि इसको पड़ने के बाद
HMARA INDIA BORE NAHI HOGA
HMARA INDIA NEGATIVE NAHI HOGA
HMARA INDIA CHID-CHIDA NAHI HOGA
क्योंकि यह टाइम देश को तैयार करने का है यह टाइम आने वाले टाइम में ख़ुद को prepare करने का है।
अपने स्किल को अपग्रेड करने का है।
खुद के अंदर झांक कर मजबूत करने का है
अगर आप सब individual strong बन जाये तो देश खुद strong बन जायेगा।
#coronafightindia #lockdownsupport
जय हिन्द!

Nice brother!!
ReplyDeleteThank you bro
Deletevery help full content
ReplyDeleteBahut bdia bhai thanks
ReplyDeleteThank you 😊
DeleteVery good bhai ji
ReplyDeleteVery Good bhai ji
ReplyDeleteThank you so much
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