किसी गजरे की खुशबु को महकता छोड़ आया हूँ,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूँ,
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना ऐ भारत माँ,
मैं अपनी माँ की बाहों को तरसता छोड़ आया हूँ।
जय हिन्द
भय और लालच दिखलाकर तुम भेज रहे नादानों को,
खुले प्रशिक्षण, खुले शस्त्र है खुली हुई शैतानी है,
सारी दुनिया जान चुकी ये हरकत पाकिस्तानी है,
जय हिन्द
जब हम तुम खोयी मोहब्बत के किस्सों में खोये थे,
सरहद पर कोई अपना वादा निभा रहा था,
वो माँ की मोहब्बत का कर्ज चुका रहा था.
जय हिन्द
ये घटती-बढ़ती रहती हैं वीरों की शमशीरों से.
जय हिन्द
जरूरत पड़ी तो लहू का एक-एक कतरा देकर इस धरती का कर्ज चुकायेंगे.
जय हिन्द
जान हथेली पर रखकर, देश की हिफाजत को अपना धर्म बना लिया.
जय हिन्द
7. मेरे जज्बातों से मेरा कलम इस कदर वाकिफ हो जाता हैं,
मैं इश्क भी लिखना चाहूँ तो इन्कलाब लिखा जाता हैं.
जय हिन्द
8. मरने के बाद भी जिसके नाम मे जान हैं,
ऐसे जाबाज़ सैनिक हमारे भारत की शान है
देश के उन वीर जवानों को सलाम
जय हिन्द
9. जो सुरक्षा का एहसास दिलाते हैं,जो हथेली पर रखकर जान,हमारी हिफाजत का जिम्मा उठाते हैं.
जय हिन्द
यही तो मजा है फौजी होकर जीने का.
