छठ पूजा का कार्यक्रम हो और शुरुआत सूर्य देव और छठी मैया की शायरी से न हो — ऐसा हो ही नहीं सकता। एक एंकर के तौर पर मैंने 800+ शोज़ में देखा है: Chhath Puja anchoring shayari in Hindi सही अंदाज़ में बोली जाए तो पूरा घाट, पूरा हॉल श्रद्धा से भर जाता है।
यहाँ आपके लिए 15+ चुनिंदा छठ पूजा एंकरिंग शायरियाँ — स्वागत, अर्घ्य, व्रतियों का सम्मान और समापन — हर मौके के लिए। Copy कीजिए, stage पर बोलिए, महफिल को भावपूर्ण बना दीजिए। और शायरियों के साथ पूरा कार्यक्रम चलाना हो तो दीपावली एंकरिंग शायरी भी देख लीजिए।
छठ पूजा एंकरिंग शायरी क्या है: छठ पूजा के कार्यक्रम में सूर्य उपासना, अर्घ्य और व्रतियों के सम्मान के मौकों पर बोली जाने वाली छोटी, भावपूर्ण पंक्तियाँ — जो मंच को श्रद्धा और उत्साह, दोनों से जोड़ देती हैं।
🌅 छठ पूजा अर्घ्य शायरी (Arghya Shayari)
उगते सूरज को अर्घ्य चढ़ा है,
डूबते सूरज को भी सलाम है।
छठी मैया की कृपा से ही तो,
हर घर में खुशियों का पैगाम है।
नदी किनारे दीप जले हैं,
मन में श्रद्धा के फूल खिले हैं।
सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित है,
छठ का पर्व मन में बसे हैं।
सुबह की पहली किरण आई,
छठी मैया की महिमा छाई।
जो मन से करे उपासना इनकी,
उसकी हर मनोकामना पूरी हो आई।
ठेकुआ, फल और फूलों की थाली,
भक्ति की खुशबू हर ओर निराली।
अर्घ्य देते हाथ कांपें नहीं,
श्रद्धा हो सच्ची तो बात बन जाती है।
डूबता सूरज भी पूजनीय है,
उगता सूरज भी वरदायी है।
छठ सिखाती है यही सबक हमको,
हर अंत में भी नई सुबह छिपी है।
🙏 स्वागत शायरी (Welcome Shayari)
छठ के पावन पर्व पर स्वागत है आपका,
सूर्य देव की कृपा बनी रहे सदा आपका।
तहे दिल से अभिनंदन है, वंदन है,
ये शाम छठी मैया के नाम है आपका।
घाट सजा है, दीप जले हैं,
आपके आने से उजाले बढ़े हैं।
स्वागत है, अभिनंदन है इस महफिल में,
छठ पूजा की शुभकामनाएं सजे हैं।
आस्था का पर्व है आया,
भक्ति का सागर लहराया।
स्वागत है आप सबका दिल से,
छठ का त्योहार मन को भाया।
सूरज की रोशनी, मैया का आशीर्वाद,
आपके जीवन में रहे सदा आबाद।
स्वागत शायरी के साथ कहते हैं हम,
छठ पूजा मुबारक, यही है पैगाम।
👏 स्वागत की और शायरियाँ चाहिए? पढ़ें: दीपावली स्वागत शायरी
🌺 छठी मैया और व्रतियों के सम्मान की शायरी
जो 36 घंटे का व्रत निभाती हैं,
वो माताएं ही छठ की शान हैं।
उनके चरणों में शीश झुकता है,
छठी मैया की यही पहचान है।
न भूख की परवाह, न प्यास की चिंता,
भक्ति में डूबी हैं व्रती माताएं।
इनके तप की महिमा अपरंपार है,
छठी मैया सबकी झोली भर जाएं।
सूप सजा है, दउरा सजा है,
श्रद्धा से हर मन सजा है।
व्रतियों के सम्मान में झुकता है सर,
छठ का पर्व ही सबसे बड़ा है।
🪔 दीप और प्रकाश से जुड़ी शायरियों के लिए पढ़ें: दीप प्रज्वलन शायरी
🌇 समापन शायरी (Closing Shayari)
अर्घ्य पूरा हुआ, सूरज मुस्कुराया,
छठी मैया का आशीर्वाद सब पर छाया।
जाते-जाते यही दुआ देते हैं,
हर घर में सुख-समृद्धि आए, यही कहते हैं।
घाट से लौटेंगे, पर यादें रह जाएंगी,
छठ की ये शाम दिलों में बस जाएंगी।
अगले बरस फिर मिलेंगे यहीं,
तब तक के लिए जय छठी मैया कह जाएंगी।
सूर्य अस्त हुआ, पर रोशनी बाकी है,
भक्ति की लौ दिलों में बाकी है।
छठ पूजा की शुभकामनाओं के साथ,
विदा लेते हैं, यही दुआ बाकी है।
🎤 Stage पर छठ पूजा शायरी बोलने के 5 Tips (800+ Shows का अनुभव)
- श्रद्धा का सुर बनाए रखो — छठ भक्ति का पर्व है; शायरी में शोर नहीं, ठहराव और सम्मान झलकना चाहिए।
- धीरे बोलो — अर्घ्य और वंदना की पंक्तियों में रफ्तार नहीं, गहराई काम करती है। हर शेर के बाद 2 सेकंड रुको।
- व्रतियों का नाम लेकर सम्मान दो — मंच से व्रती माताओं का अभिवादन करवाओ; तालियाँ खुद-ब-खुद बजेंगी।
- एक मौके पर 2–3 शायरी ही काफी हैं — स्वागत, अर्घ्य और समापन — हर मौके पर थोड़ी-थोड़ी, पूरी सूची एक साथ नहीं।
- माहौल देखो — घाट पर हो या हॉल में, हंसी-मज़ाक वाली शायरी यहाँ नहीं चलती; भावपूर्ण और सादा अंदाज़ ही सही है।
❓ FAQs
Q: छठ पूजा एंकरिंग में शायरी कब बोलनी चाहिए?
A: कार्यक्रम की शुरुआत (स्वागत), अर्घ्य के समय, व्रतियों के सम्मान में और समापन पर — इन 4 जगहों पर शायरी सबसे ज़्यादा असर करती है।
Q: क्या ये शायरियाँ घाट और हॉल, दोनों जगह चलेंगी?
A: हां — नदी-घाट, सोसाइटी, स्कूल या सामुदायिक हॉल — हर जगह। बस अपनी audience के हिसाब से 3–4 चुन लो।
Q: छठ पूजा की शायरी बोलते समय एंकर को क्या ध्यान रखना चाहिए?
A: सुर भक्तिमय रखो, व्रतियों का सम्मान पहले रखो और शायरी को पढ़ो मत — श्रद्धा से सुनाओ।
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